कविता : दशानन पुनर्जन्म
हिंदी में कविता : दशानन पुनर्जन्म महाबली रावण की अस्थियाँ आग में धू-धू जल रही थीं व्योम में चटखें- चटख
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Read Moreन जाओ शहरों की ओर – श्री गोपाल व्यास गाँव के लोग पलायन कर रहे हैं शहरों की ओर, सूख
Read Moreऋषि-मुनियों, साधु-संतों को नमन, उन्हें मेरा अभिनन्दन। जिनके तप से तपी हुई है, भारत की स्वर्णिम माटी। जिनके श्रम से
Read Moreमेरे सपनों का भारत हो सर्वगुण संपन्न मेरे सपनों का देश ऐसा भारत हो जहाँ खुशहाल परिवार को तरह अनेक
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