परिचचर्चा


किसी भी विषय पर कुछ विशेषज्ञों के विचार-विमर्श को ‘परिचर्चा’ की संज्ञा दी जाती है।

इसमें भाग लेने के लिए विषय के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाता है।

उन्हीं में से कोई विशेषज्ञ परिचर्चा के विषय को प्रारंभ करता है।

अन्य विशेषज्ञ क्रमानुसार संबंधित विषय पर अपने विचार व्यक्त करते जाते हैं।

संचालक विशेषज्ञ महोदय अंत में अन्य विशेषज्ञों की चर्चाओं का संक्षेप में निष्कर्ष पेश करते हैं।

विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय-समय पर ऐसे अवसर प्रदान किए जाते हैं, जब वे ‘मूल्य वृद्धि’, ‘दहेजप्रथा’ ‘विनाश का महादानव सुनामी’ आदि विषयों की परिचर्चा में भागीदार बन सकते हैं।